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Thursday, November 24, 2022

मोर के बारे में 25 रोचक जानकारी | Information About Peacock in Hindi

About Peacock in Hindi : तो दोस्तों आज हम भारत के राष्ट्रीय पक्षी (National Bird of India) के बारे में बात करने जा रहे है क्या आप जानते है भारत का राष्ट्रीय पक्षी कौन है और इसे क्यों भारत के राष्ट्रीय पक्षी के तोर पर रखा गया था तो दोस्तों आपको बता देते हैं की मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है और मोर दुनिया के सबसे सूंदर दिखने वाले पक्षियों में से एक है

Information About Peacock in Hindi | मोर के बारे में जानकारी

About Peacock in Hindi

Image By Pixabay

ये सबसे ज्यादा अपने सूंदर पंखो के वजह से जाना जाता है इसके रंग बिरंगे पंख बहुत ही सूंदर लगते है और जब यह अपने पंख फैलता है तो इसकी सुंदरता देखने लायक होती है जब मोर बारिश के मौसम में अपने पंख फैलाकर नाचता है तब इस नज़ारे को देखने के लिए लोग काफी उत्साहित रहते हैं।

मोर के सर पर कलगी होने की वजह से इसे पक्षियों का राजा भी कहा जाता है मोर को इसकी सुंदरता, सभ्यता, भारतीय जीवन, की वजह से ही इसको भारत का राष्ट्रीय पक्षी चुना गया है मोर का वजन काफी अधिक होता है जिसकी वजह से ये लम्बे समय तक उड़ नहीं सकते है। वैसे तो मोर पराणिक कथाओ का भी हिस्सा रहा है और मोर के पंखो को भी शुभ माना जाता है और लोग इसका इस्तेमाल सौभाग्य और समृद्धि लाने के लिए भी करते है।

और तो और लोग मोर के पंख का इस्तेमाल चीजों को सजाने के लिए भी करते है इसके पंखो का सुन्दर दिखने की वजह से लोग इसे अपने किताबो में भी रखते है तो चलिए मोर के बारे (About Peacock in Hindi) में और भी दिलचस्प बातें जानते हैं।

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मोर की प्रजाति |

वैसे तो मोर अपनी सुंदरता के लिए पूरी दुनिया में मशहूर तो है ही लेकिन क्या आप जानते है की मोर कई अलग अलग रंगो में पाया जाता है और यह मुख्यतः 3 प्रजातियों में पाया जाता है पहला भारतीय मोर जो भारत और श्री लंका में पाया जाता है और ग्रीन पीकॉक (हरा मोर) यह मोर की दूसरी प्रजाति है जोकि इंडोनेशिया में पायी जाती है और मोर की तीसरी प्रजाति है कांगो मोर इस प्रजाति के मोर अफ्रीका में पाए जाते हैं।

वैसे देखा जाये तो भारतीय मोर और हरे मोर लगभग एक जैसे होते है बस इनके सर पर पायी जाने वाली सीखा के रंगो से इनके अलग होने का पता चलता है जबकि कांगो मोर इन दोनों से बिलकुल अलग होते है कांगो मोर के सर की सीखा भी काफी छोटी होती है और इनकी पूँछ भी काफी छोटी होती है और कांगो मोर काफी सुस्त भी दिखाई देते है जबकि भारतीय मोर और हरे मोर काफी खूबसूरत दिखाई देते हैं

भारतीय मोर और हरे मोर में सिर्फ रंग का अंतर होता है भारतीय मोर के सीखा का रंग और सरीर का रंग नीला होता है जबकि हरे मोर के सीखा का रंग और शरीर का रंग हरा होता है इन्ही रंगो के अलग होने की वजह से इन मोरो की पहचान की जाती है और इसी सुंदरता की वजह से इसने भारत के राष्ट्रीय पक्षी होने की उपाधि ले राखी है।

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मोर की आकृति | Structure of Peacock in Hindi

वैसे तो मोर दिखने में मुर्गे की तरह होते है लेकिन इनका आकार मुर्गे की तुलना में बड़ा होता है देखा जाए तो भारतीय मोर की शारीरिक संरचना अन्य मोर की तुलना में अलग होता है इसका आकर गिद्ध से भी बड़ा होता है

इसका वजन लगभग 6 किलो से 10 किलो तक होता है मोर का सर काफी छोटा होता है और इसके सर पर शिखा होती है और छोटे छोटे पंख भी होते है जिसका रंग हरा और भूरा होता है

National bird of india

अब बात करते है इसके आँखों की इसकी आंखे गहरे भूरे रंग की होती है जो काफी खूबसूरत दिखाई पड़ती है अब आते है इसकी सबसे ख़ूबसूरत चीज पर जो हैं इसके पंख इसके पंख हरे और नीले रंग के होते है और इसके पंखो के बीच में हरे और नीले रंग के धब्बे बने होते है जो इसकी खूबसूरती पर चार चाँद लगा देते हैं

मोर के पैर आकार में लम्बे होते है और इनकी गर्दन भी ऊंट की तरह लम्बी होती है और गर्दन का रंग नीला मखमली होता है जो बहुत ही सुन्दर दिखाई पड़ता है वैसे तो मोर की लम्बाई 1 मीटर के आस पास होती है लेकिन जब मोरनी की बात की जाये तो तो यह गहरे भूरे रंग के होते है और यह आकार में भी मोर से छोटे होते हैं।

मोर कहाँ पाए जाते है

वैसे तो मोर भारत में सभी जगह पाए जाते है लेकिन मोर भारत के उत्तर प्रदेश, हरयाणा, राजस्थान आदि जगहों पर मोर ज्यादा पाए जाते है मोर ज्यादातर खेतो और बगीचों में पाए जाते है इन्हे हरियाली वाली जगह पर रहना पसंद होता है

इसलिए यह भारत के कई हरियाली वाले क्षेत्रो में पाए जाते है वैसे तो मोर एक भारतीय पक्षी है लेकिन यह भारत के अलावा कई और देशो में पाया जाता है जैसे नेपाल, श्री लंका, भूटान, म्यांमार, और पाकिस्तान में भी पाया जाता है

मोर हमेशा ऐसी जगह रहना पसंद करते है जहाँ पर उसे पानी आसानी से मिल जाये वैसे मोरो को जंगल में रहना ज्यादा पसंद होता है क्युकी वह उसे खाने पीने की कोई दिक्कत नहीं होती है मोरो में ऐसी क्षमता पायी जाती है

जिससे यह अपने आप को हर जलवायु में ढाल लेता है और जिससे यह राजस्थान के रेगिस्तान की गर्मी में भी रह लेता है और अमेरिका के ठन्डे मौसम के साथ भी आसानी से रह सकता है।

मोरो का निवास स्थान झाड़ियां और जंगल होता है जहाँ पानी का अच्छा स्रोत हो रात के समय मोर लम्बे लम्बे पेड़ो की निचली सखाओ पर सोना पसंद करते है मोर जंगल में काफी दूरी तक पाए जाते हैं और इंसानो के बीच उनके खेतो और बगीचों में भी पाए जाते हैं

मोर की शारीरिक संरचना | Body of Peacock in Hindi

मोरो में नरो की प्रजाति को मोर कहते है मोर का औसतन वजन 5 किलोग्राम तक होता है और मोर के आँखों के चारो और एक सफ़ेद रंग की पेंच होती है इसके सर, स्तन और गर्दन पर नीला रंग होता है

मोर की चोंच की नोक 195 से 225 सेंटीमीटर तक बढ़ती है मोर के सर पर नील रंग के पंखो का एक शिखर है जो आधे चंद्र के समान है

मोर का स्वभाव

About Peacock in Hindi

मोर जंगल का सबसे सुन्दर पक्षी माना जाता है लेकिन सुन्दर होने के साथ साथ इसमें और भी बहुत सारे गुण पाए जाते है मोर को एक चतुर और चौकन्ना पक्षी भी माना जाता है

इसके साथ साथ ये स्वाभाव से काफी शर्मिला पक्षी भी है मोर का वजन अधिक होने के कारण ये ज्यादा देर तक उड़ नहीं सकते है लेकिन उड़ने की जगह इन्हे चलना ज्यादा पसंद होता है।

मोरो को झुण्ड में रहना ज्यादा पसंद होता है इनके एक झुण्ड में करीब 5 से 8 मोर तक होते हैं और ये मोर वर्षा के मौसम में काली काली घटाओ को देखकर अपने पंखो को फैलाकर नाचने लगते है जोकि बहुत ही सूंदर दृश्य माना जाता है मोरो को आराम करना बहुत पसंद होता है सर्दियों के दिनों में तो ये तकरीबन आधे आधे दिन तक आराम करते है।

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मोरो को ज्यादा गर्मी बर्दास्त नहीं होती है गर्मी के समय में ये पेड़ो की ऊँची ऊँची डालो पर जाकर बैठ जाते है वैसे अकेले मोर कभी पंख फैलाकर नाचता नहीं है ये हमेशा झुण्ड में नाचते है मोर अकेले पंख तभी फैलाता है जब उसे मादा मोर को आकर्षित करना होता है

तभी वह अपने पंख को फैलाकर धीरे धीरे नृत्य करता है। मोर अपने पंखो का इस्तेमाल मादा मोर को आकर्षित करने के लिए ही इस्तेमाल करता है जिस मोर के पंख ज्यादा बड़े और आकर्षित होते है वह मादा मोर को जल्दी आकर्षित कर लेता है।

मोर अपने अंडो में से तकरीबन 30 दिनों में बहार आ जाते है मोर के बच्चे बहुत छोटे होते है और इनका रंग हल्का कत्थई रंग का होता है मोरो के एक खासियत यह भी है की ये बहुत दूर की आवाज को सुनने की क्षमता रखता है

मोर की यह भी खास बात है की यह कभी भी इंसानो के आगे नहीं नाचता है क्युकी नाचते वख्त ये नाचने में एकदम खो जाता है और उस समय इसको पकड़ना बहुत आसान हो जाता है इसको जब ऐसा कोई खतरा महसूस होता है तो यह जल्दी से झाड़ियों में चुप जाता है।

वैसे तो मोर का जीवन काल 15 से 20 वर्ष का होता है लेकिन यह भी कहा जाता है की ये 22 से 25 साल तक जीते है और तो और बहुत से लोगो ने तो मोर को 40 साल तक जीते हुए देखा है।

मोर क्या खाते है | Food of Peacock in hindi

मोर शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह का होता है इसका मुख्य भोजन कीड़े, मकोड़े, फल, सब्जियां, अनाज आदि होता है वैसे तो मोर को सांप खाना भी बहुत पसंद होता है और ये छिपकली जैसे और भी कई तरह के कीड़े मकोड़े खाते है

इसके अलावा मोर टमाटर, अमरुद, केला, घास, हरी मिर्च और लाल मिर्च को भी बड़े स्वाद से खाते हैं। इसके अलावा मोरो को अनाज के दाने खाना भी बहुत पसंद होता है।

मोरो से जुडी 25 रोचक जानकारी | Facts About Peacock in Hindi

  • मोरनी साल में दो बार अंडे देती है जिन अंडो की संख्या 6 से 8 होती है
  • मोर को भगवन शिव के पुत्र कार्तिकेय की सवारी माना जाता है।
  • मोर नाचने के जरिये मादा मोर को प्रजनन के लिए तैयार करता है।
  • मोर की आँखों की देखने की क्षमता बहुत अच्छी होती है।
  • एक तरफ तो लोग इसकी सुंदरता को देखते हैं तो दूसरी तरफ इसका शिकार करते है जिससे ये लुप्त होने के कागार पर आ चुके हैं।
  • इन्ही शिकार की वजह से भारत सरकार ने 1982 में मोर के शिकार पर प्रतिबन्ध लगा दिया था।
  • भारत में मोर को 1983 में राष्ट्रीय पक्षी (national bird of india) घोसित किया था।
  • इसे हिन्दू समाज में दिव्य पक्षी माना जाता है क्युकी इसका समबन्ध देवी देवताओ से है।
  • मोर के पंख को भगवन कृष्ण अपने सिर पर लगाते हैं जिसकी वजह से ये और भी अधिक प्रिय है
  • शाहजहां ने मोर से प्रभावित होकर एक मयूरासन बनवाया था।
  • उस मयूरासन का नाम तख़्त ए ताउस रखा गया था।
  • मोर को फ़ारसी में ताउस कहा जाता था।
  • मोर हर साल अपने पंख बदलते है हर साल इनके पंख झड़ जाते है और उनकी जगह नए पंख आते हैं।
  • मोर का रंग बचपन से ऐसा नहीं होता ये छोटे में मोरनी की तरह होते हैं और फिर धीरे धीरे इनका रंग बदलता है।
  • मोर के पंख लगभग 1.5 मीटर तक लम्बे होते है और ये दुनिया के सबसे बड़े उड़ने वाले पक्षियों में से एक है।
  • मोर के पैदा होने के समय इन पास पूँछ नहीं होती है 3 साल के बाद मोर सुन्दर दिखने लगते हैं।
  • मोरो की दौड़ने की क्षमता भी अच्छी होती है ये करीब 16 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ़्तार से दौड़ सकते हैं।
  • मोरो की आबादी बढ़ाने के लिए इंग्लैंड और जापान में इसे कैद करके रखा जाता है
  • मोर की पूँछ में 200 से अधिक चमकीले पंख होते हैं।
  • इसका साइंटिफिक नाम पावो क्रिस्टेटस है।
  • नर मोर मादा मोर से ज्यादा खूबसूरत होते हैं।
  • ये हर साल अगस्त के महीने में अपने पंख छोड़ देता है और फिर नए पंख उगते हैं।
  • मोर का जिक्र प्राचीन ग्रंथो जैसे गीता और बाइबिल में भी किया गया है।
  • प्राचीन काल में मोर के पंखो का इस्तेमाल लिखने के लिए भी किया जाता था।

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मोर और उसके पंखो के फायदे | Benefits of Peacock in Hindi

national bird of india

मोरो को किशानो का दोस्त भी माना जाता है क्युकी यह फसलों को खराब करने वाले कीड़ो को खा जाते है जिससे किसानो को काफी फायदा मिलता है। मोर के पंखो के भी बहुत फायदे हैं इनका प्रयोग सजावट के कामो के किया जाता है इनको गुलदानों में लगाकर इनका गुलदस्ता भी बनाया जाता है पुराने ज़माने में मोर के पंखो से हाँथ का पंखा भी बनाया जाता था जो हवा करने के काम आता था।

इसका प्रयोग पूजा पाठ में भी किया जाता है मोर के पंख को देवी देवताओ पर भी चढ़ाया जाता है मोर के पंखो का प्रयोग जले हुए भाग पर दवाई लगाने के लिए भी किया जाता है

conclussion | निष्कर्ष

उम्मीद है दोस्तों आपको भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर (National Bird of India Peacock) के बारे में काफी जानकारी मिल गयी होगी हमारे आज के इस पोस्ट (About Peacock in Hindi) में हमने मोर के बारे में बहुत सी जानकारी दी है जैसे मोर कितने प्रकार के होते है यह क्या क्या खाते है इन्हे कहा रहना पसंद होता है और इनके शारीरिक संरचना के बारे में और इसके बहुत से अनसुने facts About Peacock in Hindi के बारे में बताया है।

तो दोस्तों आपको हमारी ये पोस्ट (About Peacock in Hindi) पसंद आयी हो तो इसे शेयर जरूर करें और अगर आपको मोर से जुडी और भी कोई जानकारी चाहिए तो हमें निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में कमेंट जरूर करें।

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